नई दिल्ली। देशभर में शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे छात्र आंदोलन के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने युवाओं के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि युवाओं के सवालों को अनसुना नहीं किया जा सकता।
अखिलेश यादव ने जुलाई 2026 का द लल्लनटॉप का एक वीडियो साझा किया, जिसमें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP के छात्र-युवा NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
पोस्ट के साथ अखिलेश यादव ने काव्यात्मक अंदाज में लिखा, “जब नौजवानों के सवाल बिन उत्तर रह जाएंगे, पहाड़ों में दबे लावे जैसे कभी तो उबल जाएंगे।” उनके इस संदेश को छात्र आंदोलन के समर्थन और सरकार के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
वीडियो में प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। उनका आरोप है कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
अखिलेश यादव ने इसे किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश के युवाओं का मुद्दा बताते हुए प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और उनकी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जवाबदेही तय करने की अपील की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव के इस समर्थन के बाद छात्र आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक राजनीतिक तथा जनसमर्थन मिल सकता है।
