देवघर: अगर आपके पास KYC अपडेट, बैंकिंग सहायता, कैशबैक या किसी APK फाइल को डाउनलोड करने के लिए कॉल या मैसेज आता है, तो सतर्क हो जाइए। ऐसे ही झांसे देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले सात साइबर अपराधियों को देवघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर जिले में संदिग्ध साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड और 1 प्रतिबिंब (Pratibimb) सिम बरामद किया।
जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी ग्राहक सेवा अधिकारी बनकर KYC अपडेट, बैंकिंग सहायता, कैशबैक और APK फाइल डाउनलोड कराने के बहाने लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। जैसे ही पीड़ित उनकी बातों में आकर APK फाइल डाउनलोड करता या अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करता, आरोपी उसके खाते से रकम उड़ा देते थे।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि जब्त मोबाइल के IMEI नंबरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं, जिससे इनके व्यापक नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है।
देवघर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस की अपील: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर KYC अपडेट, बैंकिंग सहायता या कैशबैक के नाम पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें और किसी भी APK फाइल को डाउनलोड न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर ठगी की सूचना तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
