Edit: शाहीन खान
रांची। कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर राज्य के युवाओं और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों को उनके समक्ष रखा। बैठक में गोड्डा के परसपानी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की मान्यता बचाने और JSSC प्रशिक्षित सहायक आचार्य (पारा शिक्षक) भर्ती-2026 में OBC आरक्षण की कथित विसंगति पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
परसपानी होम्योपैथिक कॉलेज की मान्यता बचाने के निर्देश
प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि गोड्डा स्थित परसपानी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) की ओर से फैकल्टी और आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण 30 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई तो कॉलेज की मान्यता पर संकट गहरा सकता है।
इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य सचिव को निर्देश दिया कि 8 जून 2026 को आयोजित फैकल्टी साक्षात्कार का परिणाम सात दिनों के भीतर जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही गोड्डा के उपायुक्त को आगामी सोमवार को कॉलेज का निरीक्षण कर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से आवश्यक उपकरण और संसाधन तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि समय-सीमा के भीतर NCH को अनुपालन रिपोर्ट भेजकर कॉलेज की मान्यता सुरक्षित रखी जा सके।
JSSC भर्ती में OBC आरक्षण की होगी पुनर्गणना
बैठक के दौरान प्रदीप यादव ने JSSC प्रशिक्षित सहायक आचार्य (पारा शिक्षक) भर्ती-2026 में पिछड़ा वर्ग (EBC-1 एवं BC-II) के आरक्षण की गणना में कथित त्रुटि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि 6,101 पदों में 14 प्रतिशत आरक्षण के अनुसार OBC वर्ग के लिए 814 पद होने चाहिए, जबकि अधिसूचना में केवल 209 पद ही दर्शाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य सचिव को पूरी आरक्षण प्रक्रिया की पुनर्गणना कराने तथा यदि कोई त्रुटि पाई जाती है तो उसमें अविलंब सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रदीप यादव ने कहा कि दोनों मुद्दे सीधे तौर पर छात्रों, युवाओं और राज्य की स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित विभाग शीघ्र कार्रवाई करेंगे, जिससे कॉलेज की मान्यता सुरक्षित रहे और भर्ती प्रक्रिया में सभी वर्गों को नियमानुसार आरक्षण का लाभ मिल सके।
