गोड्डा। नगर निकाय चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नज़दीक आ रही है, सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। प्रत्याशियों के बीच रेस में उतार-चढ़ाव का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। कोई बढ़त बनाता नजर आ रहा है तो कोई पिछड़ता दिख रहा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार चुनावी मुकाबला केवल समीकरणों का नहीं, बल्कि छवि, मेहनत और व्यक्तिगत प्रभाव का भी है। इसी कड़ी में अब एक नया नाम तेजी से उभरकर सामने आया है—प्रभु दयाल पंडित।
वार्ड नंबर 6 से लगातार दो बार जीत, अब शहरभर में चर्चा
प्रभु दयाल पंडित वार्ड नंबर 6 से लगातार दो बार जीत का सेहरा पहन चुके हैं। अब उनकी पहचान सिर्फ अपने वार्ड तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अन्य वार्डों में भी उनकी शख्सियत और स्वच्छ छवि की चर्चा आम हो गई है। लोगों का कहना है कि उनकी सक्रियता, व्यवहार और जनसंपर्क ने उन्हें मजबूत दावेदार बना दिया है।
पहले चार चेहरे, अब पांचवां नाम जुड़ा
इससे पहले राजनीतिक विश्लेषण में जिन चार प्रत्याशियों को सबसे आगे माना जा रहा था, उनमें कामरान अशरफी, सुशील रामानी, राजेश मंडल और नारायण मंडल के नाम शामिल थे। लेकिन अब इन चारों के बीच पांचवां नाम प्रभु दयाल पंडित का भी मजबूती से जुड़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब मुकाबला चार नहीं बल्कि पांच प्रत्याशियों के बीच कांटे की टक्कर में बदल चुका है। हर प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर जनसमर्थन जुटाने में लगा है, लेकिन प्रभु दयाल पंडित की बढ़ती लोकप्रियता ने चुनावी गणित को नया मोड़ दे दिया है।
कांटे की टक्कर, परिणाम पर सबकी नजर
नगर चुनाव का यह मुकाबला अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। पांच मजबूत दावेदारों के बीच सीधी भिड़ंत मानी जा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि इस बार का चुनाव साधारण नहीं, बल्कि बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। 🗳️
Source: Rashtriya Mukhdhara














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