रांची। छात्र-युवा मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान केवल रांची तक सीमित रहकर नहीं किया जाएगा, बल्कि झारखंड के सभी जिलों के छात्र-छात्राओं और युवाओं से सुझाव लिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि “छात्रों की बात–छात्रों के साथ” के तहत राज्यभर के युवाओं की राय को समाधान की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
सोरेन ने कहा कि रांची में रहने वाले युवाओं के साथ-साथ राज्य के अलग-अलग जिलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के सुझाव भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। सरकार जल्द ही राज्य और देशभर के छात्रों, शिक्षाविदों तथा नीति-निर्माताओं से सुझाव एकत्र कर आवश्यक सुधारों और सकारात्मक बदलावों की दिशा में समयबद्ध तरीके से कदम उठाएगी।
परीक्षा विवाद के बीच मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री का यह ऐलान ऐसे समय हुआ है जब जेपीएससी की 14वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी सीजीएल समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र परीक्षा रद्द करने, जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें उठा रहे हैं।
हेमंत सोरेन पहले भी कह चुके हैं कि पेपर लीक केवल झारखंड की समस्या नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने और बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात कही है।
शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
हेमंत सोरेन सरकार की ओर से गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और विदेश में पढ़ाई के अवसर जैसी योजनाओं को युवा सशक्तिकरण से जोड़कर पेश किया जाता रहा है।
अब मुख्यमंत्री के ताजा ऐलान के बाद नजर इस बात पर होगी कि राज्य के जिलों से छात्रों के सुझाव लेने की प्रक्रिया कब शुरू होती है और आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार क्या ठोस फैसला लेती है।
“छात्रों की बात–छात्रों के साथ” का संदेश देकर हेमंत सोरेन ने साफ संकेत दिया है कि सरकार छात्र-युवा मुद्दों पर संवाद को राज्यव्यापी स्तर तक ले जाने की तैयारी में है।
