लेक्चरर और आयुष चिकित्सा पदाधिकारियों के नियुक्ति पत्र जारी, कॉलेज की मान्यता बचाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम
गोड्डा। गोड्डा के परसपानी स्थित राजकीय होम्योपैथिक महाविद्यालय एवं अस्पताल की मान्यता बचाने की मांग पर झारखंड सरकार ने तेज कार्रवाई की है। विधायक प्रदीप यादव द्वारा हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर कॉलेज में फैकल्टी की कमी और मान्यता पर मंडरा रहे संकट का मुद्दा उठाए जाने के बाद स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग (आयुष निदेशालय) ने लेक्चरर एवं आयुष चिकित्सा पदाधिकारियों के पदों पर नियुक्ति पत्र जारी कर दिए हैं।
बताया गया कि कॉलेज में शिक्षकों और चिकित्सा पदाधिकारियों के रिक्त पदों के कारण संस्थान की मान्यता प्रभावित होने की आशंका थी। इस गंभीर विषय को विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष प्रमुखता से रखा और शीघ्र समाधान की मांग की। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आयुष निदेशालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी कर दिए।
जारी आदेशों के अनुसार, अनुबंध के आधार पर लेक्चरर और आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की गई है। इन नियुक्तियों से कॉलेज में फैकल्टी की कमी काफी हद तक दूर होगी और संस्थान की मान्यता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने छात्रों और क्षेत्र के हित में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित निर्णय लिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शेष औपचारिकताएं भी जल्द पूरी होंगी, जिससे कॉलेज का शैक्षणिक और चिकित्सीय कार्य पूरी क्षमता के साथ संचालित हो सकेगा।
इस निर्णय को संताल परगना क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों और छात्रों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लिए राहतभरी खबर बताया।
