गोड्डा से केंद्र सरकार को खुली चुनौती, प्रदीप यादव ने छात्रों के हक में छेड़ी नई लड़ाई
Edit: शाहीन खान
गोड्डा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शनिवार को गोड्डा की ऐतिहासिक धरती पर झारखंड कांग्रेस विधायक दल के नेता एवं गोड्डा विधायक प्रदीप यादव के नेतृत्व में विशाल “छात्र-युवा विजय एवं अधिकार मार्च” निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान केंद्र सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई गई।
मार्च को संबोधित करते हुए प्रदीप यादव ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा देशभर के उन लाखों छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत है, जिनके भविष्य के साथ पेपर लीक माफियाओं ने खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू होने तक जारी रहेगी।
प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार के समक्ष चार प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने पेपर लीक माफियाओं और सिंडिकेट के खिलाफ आजीवन कारावास का कठोर कानून बनाने, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलनकारी छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर सार्वजनिक माफी मांगने तथा पेपर लीक से हताश होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को ₹1-1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक छात्रों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनती, तब तक कांग्रेस की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से जारी रहेगी।
मार्च के दौरान “छात्र एकता जिंदाबाद”, “युवा शक्ति जिंदाबाद” और “हिंदुस्तान जिंदाबाद” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। कांग्रेस नेताओं ने इसे छात्रों के अधिकारों की लड़ाई का नया चरण बताते हुए कहा कि युवाओं की आवाज अब और बुलंद होगी।
