झारखंड को डिजिटल हब बनाने की तैयारी तेज, आईटी पार्क, AI और स्टेट डेटा सेंटर पर सरकार का बड़ा फोकसमुख्यमंत्री ने आईटी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए कई अहम निर्देश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की तकनीकों पर जोर

रांची: झारखंड सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने बुधवार को आईटी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बदलती तकनीकी जरूरतों और बाजार की मांग के अनुरूप राज्य की आईटी क्षमता को तेजी से विकसित किया जाए। बैठक में आईटी पार्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और ई-गवर्नेंस से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि झारखंड की अपार संभावनाओं को देखते हुए आईटी पार्क के विकास का विस्तृत रोडमैप तैयार कर जल्द प्रस्तुत किया जाए, ताकि राज्य में आईटी उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

उन्होंने JAP-IT को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप जल्द रिस्ट्रक्चरिंग कर AI और डेटा आधारित सेवाओं के लिए नया टैलेंट पूल विकसित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में AI और डेटा अर्थव्यवस्था विकास की सबसे बड़ी ताकत होंगे, इसलिए अभी से तैयारी जरूरी है।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी विभागों के डेटा को चरणबद्ध तरीके से स्टेट डेटा सेंटर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि सरकारी सूचनाओं की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने CM-DIP (मुख्यमंत्री डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट) के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा। साथ ही राज्य के शैडो एरिया (कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों) की मैपिंग कर वहां डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने की कार्ययोजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

उन्होंने पंचायतों तक बिछाई जा रही ऑप्टिकल फाइबर लाइन के कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

बैठक में GIS, सैटेलाइट और LiDAR सर्वे जैसी आधुनिक तकनीकों की विभिन्न विभागों में आवश्यकता का आकलन कर समेकित योजना तैयार करने का निर्देश भी दिया गया। इसके अलावा ‘झार परियोजना पोर्टल’ (Jhar Pariyojna Portal) को वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड करने को कहा गया, ताकि विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग और समीक्षा अधिक प्रभावी ढंग से हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस केवल तकनीक का विस्तार नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर जनसेवा का माध्यम है। इसके लिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्ययोजना तैयार कर तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

सरकार के इन निर्देशों से साफ संकेत मिलते हैं कि झारखंड अब पारंपरिक ई-गवर्नेंस से आगे बढ़कर AI, डेटा-आधारित प्रशासन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम पर फोकस कर रहा है। यदि योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो राज्य में आईटी निवेश, रोजगार और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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