गोड्डा। नरायणी पंचायत में लंबे समय से खराब पड़े चापाकलों के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। कई मोहल्लों और गांवों में लोगों को पीने का पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है। इस समस्या का सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों, संबंधित विभाग तथा जनप्रतिनिधियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वर्षों से खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत या नए चापाकलों की स्थापना नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. एम.डी. फिरोज आलम ने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल चुनाव के समय वादे करना नहीं, बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना भी है।

उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि नरायणी पंचायत के सभी खराब चापाकलों का तत्काल सर्वे कराया जाए, मरम्मत योग्य चापाकलों को शीघ्र ठीक कराया जाए, पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके चापाकलों के स्थान पर नए चापाकल लगाए जाएँ तथा भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पेयजल जैसी मूलभूत समस्या का भी समय पर समाधान नहीं होगा, तो जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अब लोगों की नजर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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