बंगाल ज्वेलर्स लूटकांड के बाद व्यापारी समाज में भारी आक्रोश, अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, बाजार में पैदल गश्ती और इच्छुक व्यापारियों को शीघ्र आर्म्स लाइसेंस दिलाने की उठी मांग।
रिपोर्ट: शाहीन खान
गोड्डा।
दिनदहाड़े गोलियों की तड़तड़ाहट, हथियारों के बल पर करोड़ों की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती और उसके बाद पूरे शहर के व्यापारियों के दिलों में समा गया डर। 8 जुलाई को बंगाल ज्वेलर्स में हुई लूट और फायरिंग की घटना अब केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे गोड्डा के व्यापारिक जगत की सुरक्षा पर बड़ा सवाल बन गई है।
इसी बढ़ते आक्रोश और असुरक्षा की भावना के बीच गोड्डा चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने पुलिस अधीक्षक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर साफ शब्दों में कहा है कि यदि व्यापारियों की सुरक्षा मजबूत नहीं हुई तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति से इंकार नहीं किया जा सकता।
चेम्बर का कहना है कि जिस तरह अपराधियों ने बेखौफ होकर फायरिंग करते हुए वारदात को अंजाम दिया, उसने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर व्यापारी अपनी और अपने प्रतिष्ठान की सुरक्षा कैसे करें? व्यापारियों में भय का माहौल है और पुलिस व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं।
ज्ञापन में पुलिस प्रशासन के सामने आठ महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। सबसे पहली मांग बंगाल ज्वेलर्स कांड में शामिल सभी अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की है। इसके साथ ही पूरे गोड्डा शहर और जिले के व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, मुख्य बाजारों में पुलिस गश्ती बढ़ाने तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखने की मांग की गई है।
चेम्बर ने यह भी कहा है कि व्यापारियों का पुलिस पर भरोसा कायम रखने के लिए केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए। ज्ञापन में भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष अपराध नियंत्रण रणनीति बनाने और व्यापारियों के साथ नियमित समन्वय बैठक आयोजित करने का भी आग्रह किया गया है।
ज्ञापन का सबसे चर्चित बिंदु वह रहा, जिसमें इच्छुक व्यापारियों के आवेदन पर त्वरित आर्म्स लाइसेंस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने की मांग की गई है। इसके अलावा मुख्य बाजारों में प्रतिदिन पुलिस की पैदल गश्ती सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रीतम गाडिया ने कहा कि व्यापारी वर्ग जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि व्यापारी ही भय के माहौल में कारोबार करेंगे तो इसका सीधा असर पूरे जिले की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में इस चर्चित कांड का जल्द खुलासा होगा और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलेगी।
अब पूरे शहर की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बंगाल ज्वेलर्स लूटकांड के अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे? क्या व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा? और क्या गोड्डा का बाजार फिर से बेखौफ होकर कारोबार कर पाएगा? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई तय करेगी।
