गोड्डा रेलवे स्टेशन: विकास की नई इबारत, राजस्व और यात्री संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
गोड्डा रेलवे स्टेशन: विकास की नई इबारत, राजस्व और यात्री संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
अडानी पावर प्लांट का महत्वपूर्ण योगदान
गोड्डा। झारखंड के गोड्डा रेलवे स्टेशन ने अपनी शुरुआत के महज तीन वर्षों में विकास की मिसाल कायम की है। अप्रैल 2021 में पहली ट्रेन “हमसफर एक्सप्रेस” से सफर शुरू करने वाला यह स्टेशन आज 14 यात्री ट्रेनों का संचालन कर रहा है। हाल ही में जारी किए गए आंकड़े गोड्डा के विकास की रफ्तार को बयां करते हैं।
तीन लाख यात्रियों ने किया सफर, कमाए 5.23 करोड़
2024 के अप्रैल से नवंबर के बीच गोड्डा रेलवे स्टेशन से लगभग तीन लाख यात्रियों ने यात्रा की। इस दौरान रेलवे को 5.23 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसमें अनारक्षित टिकट प्रणाली (यूटीएस) से 1.91 करोड़ और आरक्षित टिकट प्रणाली (पीआरएस) से 3.32 करोड़ रुपये की आय हुई।
अनारक्षित टिकटों की बिक्री में 92 लाख की बढ़ोतरी
रेलवे के आंकड़े बताते हैं कि अनारक्षित टिकटों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 92 लाख रुपये की बढ़ोतरी हुई। इस साल 1.66 लाख अनारक्षित टिकट बिके, जबकि आरक्षित टिकटों के जरिए 62,418 यात्रियों ने सफर किया।
मालदा डिवीजन में तीसरा स्थान
मालदा डिवीजन के 105 स्टेशनों में गोड्डा अब यात्री ट्रेन परिचालन के मामले में तीसरे स्थान पर है। केवल मालदा और भागलपुर ही इससे आगे हैं। 2024 में गोड्डा को चार नई ट्रेनें मिलीं, जिनमें गोड्डा-मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनल, गोड्डा-गोमतीनगर, गोड्डा-आनंद विहार एक्सप्रेस और गोड्डा-देवघर पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
अमृत भारत योजना से स्टेशन का आधुनिकीकरण
गोड्डा रेलवे स्टेशन का आधुनिकीकरण अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है। यात्रियों के लिए एसक्लेटर का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। ये सुविधाएं गोड्डा को एक आधुनिक रेलवे स्टेशन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
अडानी न होता तो गोड्डा में रेलवे न होता? अडानी पावर प्लांट का महत्वपूर्ण योगदान
गोड्डा रेलवे स्टेशन के विकास में अडानी पावर प्लांट की भूमिका बेहद अहम रही है। पावर प्लांट की वजह से न केवल गोड्डा में रेलवे का विस्तार हुआ, बल्कि ट्रेनों की संख्या और बुनियादी ढांचे में भी सुधार हुआ। अडानी समूह ने औद्योगिक विकास के जरिए रेलवे की मांग को बढ़ावा दिया।
भविष्य की ओर बढ़ते कदम
गोड्डा स्टेशन फिलहाल एनएसजी-6 श्रेणी में है, लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या और राजस्व इसे जल्द ही ऊंचे दर्जे में पहुंचा सकते हैं। गोड्डा-पीरपैंती रेल परियोजना का पहला चरण भी जल्द शुरू होने की संभावना है।
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निष्कर्ष
गोड्डा रेलवे स्टेशन का यह तेज विकास न केवल क्षेत्रीय परिवहन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति प्रदान कर रहा है। इस प्रगति से यह साबित होता है कि गोड्डा जल्द ही झारखंड का प्रमुख रेलवे केंद्र बन सकता है।