गोड्डा, 15 जुलाई। बुधवार की शाम ऊर्जा नगर आवासीय कॉलोनी में अचानक सायरन बजते ही लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और सिविल डिफेंस की टीमें तेजी से घटनास्थल की ओर दौड़ पड़ीं। हालांकि कुछ ही देर में लोगों को पता चला कि यह किसी वास्तविक हादसे की नहीं, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल की तैयारी थी।

उपायुक्त लोकेश मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों, समन्वय और त्वरित राहत-बचाव व्यवस्था का परीक्षण करना था। शाम 5:30 बजे से 7:00 बजे तक चले अभ्यास में आग लगने, लोगों के घायल होने, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, ब्लैकआउट और राहत अभियान का वास्तविक परिस्थितियों जैसा प्रदर्शन किया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने ऊर्जा नगर अस्पताल को प्राथमिक उपचार केंद्र तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महागामा को गंभीर घायलों के रेफरल सेंटर के रूप में तैयार रखा। दोनों अस्पतालों के बीच एम्बुलेंस की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया।

इस दौरान पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली, जबकि अग्निशमन सेवा और सिविल डिफेंस की टीमों ने आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित निकालने का सफल प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में मौजूद स्थानीय लोगों ने भी मॉक ड्रिल को देखा और आपदा के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी प्राप्त की।

उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने कहा कि “आपदा आने के बाद राहत कार्य करने से अधिक महत्वपूर्ण उसके लिए पहले से तैयार रहना है। ऐसे अभ्यास वास्तविक आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।”

जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, सिविल डिफेंस, विद्युत विभाग, ऊर्जा नगर प्रबंधन तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महागामा सहित सभी विभागों के समन्वित प्रयास से यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

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