🚨 क्या सच लिखना अब गुनाह हो गया है?
पत्रकार के घर IT की रेड पर गरमाई झारखंड की सियासत, प्रदीप यादव ने भाजपा पर साधा निशाना
Edit: शाहीन खान
गोड्डा। पत्रकार चमन कुमार के घर आयकर विभाग (IT) की छापेमारी को लेकर झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पोड़ैयाहाट विधायक एवं कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता प्रदीप यादव ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कार्रवाई को भाजपा की “बौखलाहट, तानाशाही और सत्ता के दुरुपयोग” का उदाहरण बताया।
प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि सांसद निशिकांत दुबे की कथित ‘नमो एंबुलेंस’ से जुड़े मामलों और कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले पत्रकार को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि “सच की आवाज़ को दबाने की यह कायरतापूर्ण कोशिश कभी सफल नहीं होगी।”
छापेमारी के बाद प्रदीप यादव बैजनाथपुर स्थित पत्रकार चमन कुमार के आवास पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरी कांग्रेस पार्टी पत्रकार के साथ मजबूती से खड़ी है।
अब बड़ा सवाल…
- क्या यह कार्रवाई केवल कानूनी प्रक्रिया है?
- या फिर विपक्ष के आरोपों के मुताबिक सच बोलने वालों पर दबाव बनाने की कोशिश?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं।
नोट: यह खबर कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए बयान और दावों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।
