नए साल में बदल जाएगा गोड्डा रेलवे स्टेशन का रूप
गोड्डा रेलवे स्टेशन का कायाकल्प: ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ से बदलेगा रेलवे स्टेशन का चेहरा
गोड्डा रेलवे स्टेशन पर आधुनिकता की नई लहर दौड़ रही है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत 57 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से गोड्डा न केवल एक बेहतर स्टेशन बनेगा, बल्कि क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुविधाओं को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
पहले चरण के कार्य पूरे
पहले चरण में 15 करोड़ रुपये की लागत से कई विकास कार्य पूरे किए गए हैं:
दो नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण
विद्युत चालित एस्केलेटर की स्थापना
स्टेशन के सामने का सौंदर्यीकरण
पार्किंग क्षेत्र का विस्तार और गार्डन का निर्माण
यात्रियों के लिए शौचालय और वीडियो वॉल की सुविधा
दूसरे चरण में सुविधाओं का विस्तार
दूसरे चरण में 10 करोड़ रुपये की लागत से यात्रियों की सुविधाओं का और विस्तार किया जा रहा है। मालदा रेल मंडल के डीआरएम मनीष गुप्ता ने स्टेशन का दौरा कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।
नई सड़क पर उठे सवाल
हालांकि, स्टेशन के पास बनी नई सड़क की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। हाल ही में बनी यह सड़क जर्जर हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
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परिवर्तन का प्रतीक: गोड्डा स्टेशन
गोड्डा रेलवे स्टेशन से अप्रैल 2021 में पहली ट्रेन ‘हमसफर एक्सप्रेस’ शुरू हुई थी। अब यहां से 13 ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो दिल्ली, पटना, रांची, कोलकाता और गोमतीनगर जैसे बड़े शहरों से गोड्डा को जोड़ती हैं।
नए साल में गोड्डा स्टेशन का बदला हुआ रूप यात्रियों के लिए एक तोहफा साबित होगा। सुविधाजनक यात्रा और आधुनिक संरचनाएं क्षेत्र के विकास का प्रतीक बनेंगी।
गोड्डा के भविष्य के लिए उम्मीदें
यह कायाकल्प न केवल यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा, बल्कि गोड्डा को आर्थिक और सामाजिक रूप से भी मजबूत करेगा।
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इस परिवर्तन से गोड्डा के नागरिकों और यात्रियों में उत्साह की नई ऊर्जा देखी जा रही है।
(गोड्डा से विशेष रिपोर्ट)