गोड्डा: घने कोहरे और गिरते तापमान से बढ़ी ठंड, जनजीवन पर पड़ा व्यापक असर
गोड्डा: घने कोहरे और गिरते तापमान से बढ़ी ठंड, जनजीवन पर पड़ा व्यापक असर
गोड्डा। सोमवार की सुबह घने कोहरे और हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुई, जिससे ठंड और कनकनी में तीव्र वृद्धि हुई है। दिनभर आसमान बादलों से घिरा रहा, और कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई।
इस मौसम के अचानक बदलाव से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोग केवल जरूरी कामों के लिए ही घरों से बाहर निकले।
मौसम में बड़ा बदलाव, अगले चार दिनों तक राहत नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक मौसम में कोई सुधार होने की संभावना नहीं है।
सोमवार को गोड्डा का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि रविवार को यह क्रमशः 27.7 और 16.8 डिग्री था। इस गिरावट ने ठंड को और भी गंभीर बना दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि तापमान में और गिरावट हो सकती है, जिससे न्यूनतम तापमान 11 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
कोहरा और ठंड: जनजीवन पर असर
घने कोहरे और ठंड के चलते आम जनजीवन ठहर सा गया है। विशेष रूप से बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंड में काफी परेशानियां हुईं। बाजारों में भी ठंड के कारण रौनक कम रही।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। गर्म कपड़े पहनने और ठंडी चीजों के सेवन से बचने पर जोर दिया गया है।
किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह
अचानक हुए इस मौसम परिवर्तन का असर फसलों पर भी पड़ सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि सब्जियों और फसलों को ठंड से बचाने के लिए उन्हें पुवाल या खरपतवार से ढंकें।
सुबह के समय हल्की सिंचाई करें ताकि फसलों में नमी बनी रहे।
पशुपालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए रात में उन्हें खुले में न रखें और उनके लिए गर्म रहने की व्यवस्था करें।
पशु बीमारियों, विशेष रूप से खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण करवाने की सलाह दी गई है।
ठंड के बढ़ते प्रभाव से स्वास्थ्य पर असर
मौसम में इस बदलाव ने स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा दी हैं। ठंड के कारण बुजुर्गों और बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। चिकित्सकों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म पानी का सेवन करने और घर से बाहर निकलते समय शरीर को पूरी तरह से ढकने की सलाह दी है।
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निष्कर्ष: सतर्कता और तैयारी की जरूरत
आगामी दिनों में कोहरा और ठंड और भी बढ़ सकती है। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। ठंड के इस मौसम में सावधानी बरत