हेमंत सोरेन कैबिनेट में दो विधायकों की ताजपोशी, प्रदीप यादव की अनदेखी पर चर्चा
गोड्डा का ऐतिहासिक : हेमंत सोरेन कैबिनेट में दो विधायकों की ताजपोशी, प्रदीप यादव की अनदेखी पर चर्चा
गोड्डा, झारखंड – हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में गोड्डा जिले ने ऐतिहासिक पहचान बनाई है। पहली बार, गोड्डा जिले के दो विधायकों, राजद के संजय प्रसाद यादव और कांग्रेस की दीपिका पांडेय सिंह, ने मंत्री पद की शपथ लेकर जिले का मान बढ़ाया। लेकिन, इस राजनीतिक उपलब्धि के साथ-साथ कांग्रेस के पड़ैयाहाट विधायक और झारखंड के मजबूत नेता प्रदीप यादव को मंत्री नहीं बनाए जाने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
संजय प्रसाद यादव: राजद के भरोसेमंद नेता
राजद नेता संजय प्रसाद यादव की नियुक्ति ने पार्टी में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी और झारखंड में राजद के मजबूत स्तंभ के रूप में पहचान बनाई। इस बार राजद ने झारखंड में चार सीटें जीतीं, जिनमें से गोड्डा और देवघर जिले का योगदान अहम रहा। संजय यादव का मंत्री बनना गोड्डा जिले के लिए गर्व का विषय है।
दीपिका पांडेय सिंह: कांग्रेस की प्रभावशाली नेता
महगामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने अपने पिछले कार्यकाल में कृषि मंत्री के रूप में शानदार प्रदर्शन किया था। ऋण माफी योजना और मंईयां योजना जैसे सामाजिक कल्याणकारी कार्यक्रमों ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया। राहुल गांधी की कोर टीम की सदस्य और कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाली दीपिका झारखंड में महिला सशक्तिकरण की प्रतीक मानी जाती हैं।
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प्रदीप यादव: झारखंड की राजनीति का मजबूत चेहरा, पर मंत्री पद से वंचित
पड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव झारखंड में एक मजबूत और अनुभवी नेता के रूप में जाने जाते हैं।
झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) से कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी को जिले और राज्य स्तर पर सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई। प्रदीप यादव ने अपने राजनीतिक करियर में कई बड़े आंदोलनों का नेतृत्व किया है और जनता के मुद्दों पर हमेशा मुखर रहे हैं।
चर्चाओं का बाजार गर्म है की उनकी अनदेखी ने न केवल उनके समर्थकों को निराश किया है, बल्कि कांग्रेस के भीतर भी असंतोष की स्थिति पैदा की है। प्रदीप यादव को मंत्री बनाए जाने की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन उनके नाम पर विचार न होने से झारखंड की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
गोड्डा का राजनीतिक क्लीन स्वीप
इस बार गोड्डा जिले ने इंडिया गठबंधन के तहत तीनों सीटों पर जीत हासिल कर इतिहास रच दिया। पहली बार जिले ने क्लीन स्वीप करते हुए राज्य मंत्रिमंडल में दो मंत्रियों को स्थान दिलाया।
प्रदीप यादव की उपेक्षा पर सवाल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदीप यादव जैसे अनुभवी नेता को दरकिनार करना कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। झारखंड में कांग्रेस को मजबूत नेतृत्व की जरूरत है, और प्रदीप यादव की क्षमता को नकारना पार्टी के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
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हेमंत सोरेन सरकार के इस मंत्रिमंडल विस्तार से गोड्डा जिले को विकास की नई उम्मीदें मिली हैं, लेकिन प्रदीप यादव की उपेक्षा ने राजनीतिक संतुलन पर सवाल खड़े किए हैं।