अरविंद राय हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास
अरविंद राय हत्याकांड में तीन को आजीवन कारावास
गोड्डा।
गोड्डा प्रधान जिला जज सत्यप्रकाश सिन्हा के न्यायालय ने मंगलवार को ललमटिया थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में घटित अरविद राय हत्याकांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास सहित जुर्माना की सजा सुनाई. सजा पाने वालों में ललमटिया थाना क्षेत्र के खैरबन्नी निवासी मुन्ना राय, रामवृक्ष राय व भीम राय शामिल हैं. तीनों को आजीवन कारावास व पांच- पांच हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई गई है. जुर्माना की राशि नहीं भरने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी.
घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी में बलबड्डा थाना क्षेत्र की मेघनाद निवासी सेबरी देवी ने कहा था कि 13 अप्रैल 2017 की शाम वह अपने बेटे अरविद राय के ससुराल विरामचक से अपने घर मेघनाद लौटी थी. लौटने पर अरविद राय को घर पर नहीं देखा. बहू से पूछा तो उसने बताया कि वह चार बजे खैरबन्नी गांव के मोहन राय व नंदकिशोर राय के साथ खैरबन्नी- गोबराय की तरफ गए हैं. रात 10 बजे नंदकिशोर राय आया तो अरविंद के बारे में पूछा.
इसके बाद वह भी अरविद को खोजने की बात कह कर निकल गया जो लौटकर वापस नहीं आया. रात 10.45 बजे मोबाइल पर किसी ने फोन किया कि वह खैरबन्नी -गोबराय में है. यहां आकर ले आओ। उसके बाद कुछ आदमी को लेकर अरविद को खोजने के लिए गई. वहां ग्रामीणों ने बताया कि वह वहां नहीं है.
इसके बाद वह लौटकर घर चली आई. सुबह उसके बेटे अरविद की लाश मिली. खैरबन्नी के कुछ लोगों ने बताया कि अरविद और कुछ लोगों के बीच मारपीट हो रही थी. बीच- बचाव करने पहुंचे गांव के ही पूरन राय को खैरबन्नी निवासी मुन्ना राय, रामवृक्ष राय व भीम राय ने एक रस्सी से बांध दिया और अरविद को पीट-पीटकर मार डाला.
विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से 11 गवाहों का न्यायालय के समक्ष परीक्षण किया गया. अनुसंधान के क्रम में मुन्ना राय, रामवृक्ष राय व भीम राय पर दोष सिद्ध हुआ. उभय पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.