*GODDA NEWS : 63 घंटे बाद सिराजुद्दीन का शव तालाब से बरामद*

– मृतक के शरीर पर चोट का निशान देखकर आक्रोशित हुए परिजन

– राजमहल परियोजना के मुख्य गेट पर परिजनों ने किया पथराव

गोड्डा/महागामा: ईसीएल की राजमहल परियोजना, ललमटिया खदान में कोयला चोरी के आरोप में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों द्वारा खदेड़े जाने पर पोखर में छलांग लगाने वाले सिराजुद्दीन अंसारी की लाश 63 घंटे के बाद तालाब से बरामद की गई। बुधवार को दोपहर बाद करीब 2 बजे लाश तालाब में तैरती हुई देखी गई। लाश को बाहर निकालने पर शरीर पर जख्म पाया गया। लाश के शरीर पर जख्म देखकर परिजन आक्रोशित हो गए और परियोजना के मुख्य कार्यालय पर पथराव शुरू कर दिया। काफी समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों के आक्रोश को नियंत्रित किया जा सका।
परिजनों एवं का आरोप था कि सीआईएसएफ के जवानों ने कोयला चोरी के आरोप में सिराजुद्दीन की जमकर पिटाई करने के बाद उसे तालाब में फेंक दिया था। हालांकि, सिराजुद्दीन के साथ कोयला चुनने गए एक ग्रामीण का कहना था कि सीआईएसफ द्वारा खदेड़े जाने पर सिराजुद्दीन अंधेरे के कारण तालाब में गिर गया था।
मालूम हो कि राजमहल परियोजना, ललमटिया के कोयला खदान के पास केंदुआ पोखर में रविवार की देर रात करीब 11 बजे सीआईएसएफ के जवानों ने खदान में कोयला चुन रहे लोगों को चोर समझकर खदेड़ दिया था। समझा जाता है कि भागने के क्रम में बलिया गांव का मो सिराजुद्दीन अंसारी (32) रात के अंधेरे में केंदुआ तालाब में कूद कर सीआईएसएफ के खौफ से बचने का प्रयास किया।
पोखर में अत्यधिक गड्ढे होने की वजह से उसी में डूब गया। जबकि परिजनों एवं कुछ ग्रामीणों का कहना है कि सीआईएसएफ ने सिराजुद्दीन को पकड़कर मारपीट करने के बाद उसे पोखर में फेंक दिया होगा।
बहरहाल, सिराजुद्दीन को तालाब में खोजने के लिए सोमवार को गोताखोरों की टीम लगी थी। मंगलवार को देवघर से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने भी तालाब में उतर कर सिराजुद्दीन को खोजने की भरपूर कोशिश की। एनडीआरएफ की टीम बुधवार को भी तालाब में उतरी थी। लेकिन सूत्रों के अनुसार, बुधवार को दोपहर तक एनडीआरएफ की टीम ने यह कह कर हाथ खड़े कर लिए कि तालाब में शव नहीं है। एनडीआरएफ की टीम देवघर लौटने वाली ही थी कि करीब 2 बजे दिन में लाश तालाब में तैरता हुआ देखा गया। इसकी जानकारी एनडीआरएफ टीम को दी गई। टीम ने पहुंचकर लाश को तालाब से बाहर निकाला।
शव के शरीर पर जख्म के निशान को देखकर परिजन आक्रोशित हो गए एवं ईसीएल मेन गेट पर शव को रख कर हंगामा करने लगे। सीआईएसएफ के जवानों को देखकर परिजन तथा ग्रामीण उत्तेजित हो गए एवं मेन गेट पर पथराव कर दिया । अनुमंडल प्रशासन के द्वारा सभी आक्रोशित परिजनों को समझाया गया । अपराहन 4 बजे से परियोजना के कार्यालय में प्रबंधन, प्रशासन एवं ग्रामीणों के बीच वार्ता चल रही है। ग्रामीण तथा मृतक के परिजन 50 लाख रुपये मुआवजा एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक वार्ता चल रही थी।

 

 

 

 

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