उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने कहा है कि तमसो मा ज्योतिर्गमय वैदिक सूत्र को चरितार्थ कर अपने हाथों से दीपक बना कर दूसरों के घरों को रोशन करते है हमारे कुम्हार मित्र। रोशनी का पर्व दीपावाली का आमतौर पर बड़ी उत्सुकता से इंतजार करने वाले कुम्हार भाई-बहन दीपक की जगह बिजली से जगमगाने वाले झालरों और बल्बों के बढ़ते वर्चस्व से खुद को ठगा सा महसूस करते हैं। उनकी मेहनत, लग्न और कला को सम्मान देना हमारा फर्ज है। ऐसे में आप सभी से जिलावासियों से अपील है कि दीपावली पर मिट्टी के दीये का प्रयोग कर अपने घर पर दीये अवश्य जलाएं। सदियों से चली आ रही परंपरा भी हमें यही संदेश देती है। मिट्टी के दीए में स्नेह की बाती और परोपकार का तेल डालकर उसे प्रज्वलित किया जाता है, जिससे हमारा आँगन और समाज प्रकाशमय होता हैं।