धड़ल्ले से सड़क पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन – महागामा – हनवारा हाइवे की स्थिति हुई जर्जर
जावेद अख्तर कीरिपोर्ट हनवारा।
सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड वाहन भले ही खाकी के कागजातों में बंद हो, लेकिन हकीकत तो यह है कि महागामा क्षेत्र में ओवरलोड वाहन प्रतिदिन सड़कों को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं। इन वाहनों के दौड़ने के बारे में जिले के अधिकारियों तक को खबर है।लेकिन सभी चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों की मानें तो परिवहन विभाग अधिकारी तक भी जानकारी होते हुए भी चुप्पी साधे हुए हैं। हनवारा- महागमा हाइवे की बात की जाए तो यह हाइवे इस हालत में है कि यहां पर कोई छोटा हो या बड़ा वाहन, इस हाइवे से बीस की स्पीड से ऊपर नही चल सकता। इसके बाद भी हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। क्योंकि अधिकांश ओवरलोड वाहन गलत साइड चलाए जाते हैं। इस मार्ग पर कई बार सड़क किनारे बसे गांव के कई लोगों व दोपहिया वाहन चालक की जान भी जा चुकी है। हनवारा से महागामा हाइवे तक मार्ग का भी यही हाल है। हाल ही में गांव फिरोजपुर ,लौगाय के पास में महागामा से आ रहे बाइक सवार की ट्रक के साथ टक्कर हो गई थी। इसके अलावा फिरोजपुर गांव के समीप छर्री से लदा ट्रक पलट गया था। इस हादसे में गांव के कई लोग बाल बाल बचे थे।इसमें कई लोग घायल भी हुए। जिला प्रशासन ने हाल ही में आदेश दिया था कि थाना या पुलिस चौकी के सामने से ओवरलोड वाहन निकलता पाया गया तो कारवाई की जाएगी। लेकिन यह आदेश महज कागज की शोभा बढ़ा रहा है।इस सख्त आदेश के बाद भी ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।वहीं सड़क पर दौड़ रहे बड़े वाहनों के धूल से लोगों को परेशानी भी हो रही है। धूल के कारण लोगों को खतरनाक बीमारी होने का डर सता रहा है
तबाह हुआ हनवारा -महागामा हाइवे:
बिहार सीमा से लेकर गोड्डा जिला के महागामा हाइवे की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। इस मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे हैं। ओवरलोड वाहनों के परिचालन कारण इस मार्ग पर गड्ढ़ों में इजाफा हुआ है। सड़क में बन रहे गड्ढ़ों के कारण हनवारा-महागामा हाइवे तबाह हो चुका है। इसका जिम्मेदार लोक निर्माण विभाग है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग को बनाने में ठेकेदार कंपनी ने घटिया एवं निम्न स्तर की सामग्री लगाई है। यही वजह है कि सड़क लगातार टूटती जा रही है। बताया तो यह भी गया है कि पिछले महीने पहले विभाग ने गड्ढ़ों को भरने के लिए कागज पर काम भी किया, लेकिन सर जमीन पर गड्ढ़े ज्यों के त्यों है।क्षेत्र के बुद्धिजीवियों का कहना है कि इस सड़क से होकर मिर्जाचौकी की ओर से प्रत्येक दिन सैकड़ों हाइवा से चिप्स, मेटल, बोल्डर और गिट्टी लेकर पड़ोसी राज्य बिहार की ओर परिवहन किया जाता है।