संविदा पर बहाल कर्मियों के हड़ताल पर जाने से सेंपल जांच प्रभावित
शेखपुरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल के कारण कोविड 19 के जाँच कार्य पर बुरा प्रभाव पड़ा है। जाँच कार्य से जुड़े स्वस्थ्य कर्मियों ने रविवार से कार्य वहिस्कर कर रखा है। 17 सूत्री मांगो के समर्थन में राज्य व्यापी हड़ताल में यहाँ के कर्मी भी शामिल हो गए। हड़ताल को लेकर स्वस्थ्य कर्मियों ने पहले ही सूचना दे दी थी। बिहार राज्य स्वस्थ्य संविदा कर्मी महासंघ के बैनर तले सभी हड़ताली कर्मी सोमवार से मांगो के समर्थन में धरना, जुलूस, प्रदर्शन आदि का भी आयोजन करेंगे। इस सम्बन्ध में बताया गया कि पिछले माह भी इन कर्मियों ने हड़ताल आयोजित की थी। हड़ताल के बाद स्वस्थ्य मंत्री और स्वस्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के साथ मांगो के समर्थन में समझौता हो गया था। लेकिन आजतक समझौते के क्रियान्वयन नहीं होने को लेकर सभी स्वस्थ्य कर्मी फिर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल में शामिल अधिकांश कर्मी लैब टेक्नीशियन है। कोविड19 की जाँच में सैम्पल लेने का काम इन्ही के कंधे पर है। इन्ही के भरोशे यहाँ एंटीजेन रैपिड किट द्वारा जाँच में तेज़ी आई थी। इस सम्बन्ध में अधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वस्थ्य विभाग ने जाँच और सैम्पल लेने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की है। लेकिन वह कारगर नहीं दीख रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रविवार को सदर प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र पर मात्र 85 सैम्पल लिए जा सके। जबकि शेखोपुरसराय में 83 सैम्पल लिए गए। संविदा स्वस्थ्य कर्मियों के हड़ताल का असर सोमवार से अन्य स्वस्थ्य सेवा पर भी पड़ने का अंदेशा बढ़ गया है।