*Godda News:काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया ग्रामीण बैंक कर्मियों ने – प्रबंधन पर लगाया सौतेली नीति पर चलने का आरोप*
काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया ग्रामीण बैंक कर्मियों ने
– प्रबंधन पर लगाया सौतेली नीति पर चलने का आरोप
गोड्डा।
झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के कर्मियों ने प्रबंधन द्वारा बैंक के कर्मचारियों के साथ इस कोरोना महामारी जैसे विकट परिस्थिति में किए जा रहे दोयम दर्जे के व्यवहार में यूएफआरआरबीयू के आह्वान पर ग्रामीण बैंक कर्मियों द्वारा मंगलवार को काली पट्टी बांधकर बैंक का कार्य किया गया। झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय सचिव नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बैंक कर्मियों का यह सांकेतिक विरोध झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के सभी 443 शाखाओं में किया गया है।
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उन्होंने बताया कि जहां एक तरफ कोरोना जैसी विकट परिस्थिति मे अपने एवं अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर बैंक कर्मी सरकार द्वारा जारी विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने हेतु देश सेवा में पूरे सेवा भाव से अपने ग्राहकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद कर रहे हैं। नितेश मिश्रा ने कहा कि प्रायोजक बैंक प्रबन्धन के नकरात्मक रवैये से ग्रामीण बैंक कर्मी त्रस्त हैं। यूनियन ने प्रायोजक बैंक प्रबन्धन के खिलाफ सात सूत्री मांगों की पूर्ति के लिए व्यापक आन्दोलन चलाने का निर्णय लिया है ।
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प्रमुख मांगें:
सभी भत्ते, अन्य लाभ और लॉकडाउन अवधि के दौरान कार्य करने के लिए प्रोत्साहन राशि , अन्यान्य सुविधा प्रायोजक बैंक के समान दिया जाए। चेयरमैन के अतिरिक्त प्रायोजक बैंक से किसी अन्य पद पर प्रतिनियुक्ति नहीं की जाए।प्रायोजक बैंक द्वारा ग्रामीण बैंक में प्रोन्नति व नई नियुक्ति हेतु रिक्तियों के सृजन व प्रोन्नति में नकरात्मक हस्तक्षेप न किया जाए। समामेलन के पूर्व ग्रामीण बैंक कर्मियों को मिल रहे बेहतर वेतन-भत्ते व अन्य लाभ को समामेलन के बाद भी जारी रखा जाए।
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विभागीय जांच कार्यवाही में प्रायोजक बैंक का हस्तक्षेप बन्द हो। बेहतर औद्योगिक सम्बन्ध के लिए प्रायोजक बैंक आंचलिक , एलएचओ स्तर पर अर्द्ध वार्षिक और प्रधान कार्यालय स्तर पर ग्रामीण बैंक यूनियन के साथ वार्षिक आईआरएम का प्रावधान हो।
थर्ड पार्टी प्रोडक्ट बेचने के लिए ग्रामीण बैंक कर्मियों को प्रताड़ित ना किया जाए।
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