अलविदा की नमाज के साथ ही माहे मुबारक के रुखसत होने का एलान

अलविदा की नमाज के साथ ही माहे मुबारक के रुखसत होने का एलान
जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा।

रमजान उल मुबारक के आखिरी जुमा में अलविदा की नमाज के साथ ही शुक्रवार को माहे मुबारक के रुखसत होने का एलान हो गया। लॉकडाउन की वजह से यह पहला मौका ऐसा है जब अलविदा जुमे की नमाज रोजेदार मस्जिदों के बजाय घरों में अदा किए। वहीं, अलविदा की नमाज में बैतूल मुकद्दस की हिफाजत और कोरोना वायरस के खात्मे की दुआएं भी मांगी गई। जैसा कि हम सब जानते हैं कि रमजान के महीने में आखिरी जुमा यानि शुक्रवार को ही अलविदा जुमा कहा जाता है। इस अलविदा जुमे के बाद लोग ईद की तैयारियों में लग जाते है। जुमा अलविदा रमजान माह के तीसरे अशरे मतलब आखिरी दस दिन में पड़ता है. तीसरा अशरा निजात का अशरा होता है. इस जुमे को साल भर पड़ने वाले जुमे से अव्वल (बेहतरीन) माना जाता है। इस साल अलविदा जुमा का नमाज देशभर में मस्जिद के बजाय अकीदतमंदों ने घरों में पढ़ा।

क्यों है अलविदा जुमा इतना विशेष महत्व

अलविदा जुमे की नमाज का विशेष महत्व है। यह अफजल जुमा होता है। इससे जहन्नम से निजात मिलती है। यह आखिरी अशरा है, जिसमें एक ऐसी रात होती है, जिसे तलाशने पर हजारों महीने की इबादत का लाभ एक साथ मिलता है। उस रात को शबे कदर की रात कहते है। यह रात 21वीं, 25वीं एवं 27वीं रोजे की रात को शबे कदर की रात होती है। इसमे से सबसे अफ़ज़ल यानी कि सबसे महत्वपूर्ण रात 27 वीं रोजे को होती है। उलेमा बताते है कि इस रात को अल्लाह तआला बन्दे के काफी करीब होते है। उस रात को जो भी दुआ अकीदतमंदों के द्वारा की जाती है तो उसे अल्लाह कुबूल करते है।

जरूर कुबूल होती है दुआ

यूं तो जुमे की नमाज तो पूरे साल ही खास होती है पर रमजान का आखिरी जुमा अलविदा सबसे खास होता है। अलविदा की नमाज में साफ दिल से जो भी दुआ की जाती है, वह जरूर पूरी होती है। जमात-उल-विदा इबादत का दिन है। इस दिन की इबादत की बहुत अहमियत है। कुछ लोग तो अलविदा का पूरा दिन कुरान पढऩे में ही बिता देते हैं।

अलविदा जुमा के बाद होती है ईद की तैयारी
अलविदा जुमा रमजान महीने के आखिर में पड़ा है। इसके बाद ही लोग ईद की तैयारी में लग जाते है। अलविदा जुमें के बाद से बाजार में देर रात तक लोग सामान खरीदारी करते थे। लेकिन इस बार हर साल की तरह कुछ उल्टा है। लोग घरों में रह रहे है। पिछले साल के मानक इस साल ईद की खरीदारी नही के बराबर हो रही है।
कल (शनिवार) देखा जा सकता है ईद का चांद:
कल ईद का चांद देखा जा सकता है, तो रविवार को ईद मनाई जाएगी। अगर कल ईद का चांद नही दिखा तो फिर सोमवार को ईद मनाई जाएगी। ऐसे में कल ही ईद का चांद दिखाई देने की संभावना है।

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