ठाकुर गंगटी: सुविधाओं की कमी से जूझ रहा क्वॉरेंटाइन सेंटर
- ठाकुर गंगटी: सुविधाओं की कमी से जूझ रहा क्वॉरेंटाइन सेंटर
– प्रवासी मजदूरों को नहीं मिल रहा है समय पर खाना
– एक ही हॉल में रखा गया है महिला-पुरुष को
– सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं हो रहा है पालन
मेहरमा से विजय कुमार की रिपोर्ट
मेहरमा ।
ठाकुरगंगटी प्रखंड मुख्यालय स्थित हरि देवी रेफरल अस्पताल में बनाए गए सरकारी क्वॉरेंटाइन सेंटर में सुविधाओं का घोर अभाव है। प्रशासन तंत्र की लापरवाही के कारण इस क्वारेंटीन सेंटर में रखे गए प्रवासी मजदूरों को न तो समय पर खाना मिल पा रहा है और न नाश्ता। बेड की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। सर्वाधिक आश्चर्यजनक बात यह है कि एक ही हॉल में पुरुष एवं महिलाओं को रखा गया है। पर्याप्त जगह के अभाव में क्वॉरेंटाइन सेंटर में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं हो पा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा क्वॉरेंटाइन सेंटर में सुविधाओं के बाबत लंबे चौड़े आदेश जारी किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर आदेश का कितना अनुपालन हो रहा है, इसका मुआयना करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। लॉक डाउन के दौरान अलग-अलग राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को अपने गृह जिला में लाया जा रहा है । रेड जोन से आने वाले श्रमिकों को सरकारी क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखने की व्यवस्था की गई है। वहीं अधिकतर मजदूरों को होम क्वारांटीन में भेज दिया गया है। ठाकुरगंगटी प्रखंड के हरि देवी रेफरल अस्पताल परिसर में कोरोनटाइन सेन्टर बनाया गया है। जिसमें सैकड़ों प्रवासी मजदूर को रखा गया है। लेकिन क्वॉरेंटाइन सेंटर में मजदूरों को रखने के लिए सुविधाओं का घोर अभाव है। ना ही मजदूरों को सोने के लिए बेड की व्यवस्था कराई गई है और न ही टाइम से मजदूरों को खाना मिल रहा है। न ही बेहतर पेयजल की सुविधा है। सबसे बड़ी एवं शर्म की बात तो यह है कि क्वॉरेंटाइन सेंटर के एक हॉल में ही महिला एवं पुरुष सभी को रखा गया है। इसके कारण सभी प्रवासी मजदूरों में नाराजगी है।
मंगलवार की शाम तक इस सेंटर में 250 प्रवासी मजदूरों को रखा गया था। बेड के अभाव में प्रवासी मजदूर भेड़ बकरियों की तरह रह रहे थे। शाम होते ही बिजली आपूर्ति के अभाव में यह क्वॉरेंटाइन सेंटर अंधकार के साए में लिपटा हुआ था।
एक तरफ सरकार तमाम सुविधा मुहैया कराने के लिए राशि पानी की तरह बहा रही है । उपायुक्त के द्वारा लगातार पदाधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं । लेकिन आदेश महज कागज तक सिमटा हुआ है। सरजमीन पर प्रशासनिक आदेश दम तोड़ता हुआ प्रतीत हो रहा है। कुछ स्थानीय पदाधिकारियों की घोर लापरवाही के कारण सुविधा मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इस संबंध में दर्जनों प्रवासी मजदूरों ने उपायुक्त से उचित सुविधा मुहैया कराने की मांग किया है अन्यथा अप्रिय घटना घटने पर पदाधिकारियों को जिम्मेदार होने की बात कही है।
क्या कहते हैं प्रखंड विकास पदाधिकारी:
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी मेघनाथ उरांव ने बताया कि कोरोनटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को रहने में जो भी परेशानी हो रही है, मैं कोशिश कर रहा हूं उसे समाधान कराने का । प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मे बुधवार को शिफ्ट करवा दिया जाएगा।