पवित्र रमजान माह की शुरुआत, अकीदतमंदों ने रखा पहला रोजा
पवित्र रमजान माह की शुरुआत, अकीदतमंदों ने रखा पहला रोजा
हनवारा से जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा।
पवित्र माह रमजान आज से प्रारंभ हो गया अकीदतमंदों ने आज पहला रोजा रखा । कोरोना वायरस को लेकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मुस्लिम धर्मावलंबियों द्वारा रोजा रखा।
सुबह में करीब चार बजे सेहरी के साथ रोजे की शुरुआत हुई और शाम 6.14 बजे इफ्तार के साथ पहले दिन का रोजा खोला गया।
रविवार 26 अप्रैल को सेहरी का समय सुबह 3.59 बजे निर्धारित है.
शुक्रवार की शाम आसमान पर रमजान का चांद नजर आते ही तराबियां का दौर शुरू हो गया और रात्रि में सेहरी करके मुस्लिम धर्मावलंबियों ने रोजा रखा।खुदा की इबादत के महीने रमजान का चांद शुक्रवार को दिख गया।इसके साथ ही रमजान का पवित्र माह शुरू हो गया है।
कोरोना महामारी के कारण इस बारसामूहिक नमाज नहीं अदा करने का निर्णय लिया गया है। शहर के काजी के अनुसार यह पाक महीना है।इस माह में खुदा की इबादत करने से अल्लाह की रहमत बरसती है। रात के आखरी पहर सुबह सादिक से पहले सेहरई (हल्का खाना) खा करके रोजे की नीयत करके रोजा रखा जाता है।
रोजा सिर्फ भूखे प्यासे रहने का नाम नहीं है। रोजा आंख, हाथ, पैर, दिल, मुंह सभी का होता है, ताकि रोजा रखने वाला इंसान हमेशा बुराई से तौबा करता रहे।रोजा सूरज निकलने से लेकर सूरज डूबने तक का होता है।
इस दौरान वह कुछ खा पी नहीं सकता।रोजे की शुरुआत में फजर की नमाज होती है और रोजा खोलने के वक्त मगरिब की नमाज होती है।
रमजान अल्लाह की इबादत का महीना है।इस महीने में इबादत करने का महत्व आम महीनों की तुलना में कई गुणा होता है, क्योंकि रमजान खाने और पानी को त्याग कर अल्लाह की इबादत करने का महीना है।