विधायक के व्यवहार से गिर रहा है पुलिस का मनोबल : मनोज कुशवाह
विधायक के व्यवहार से गिर रहा है पुलिस का मनोबल
: मनोज कुशवाह
गोड्डा।
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुशवाहा ने कहा है की महागामा की विधायक दीपिका पांडेय सिंह एवं उनके समर्थकों के क्रियाकलापों से पुलिस का मनोबल गिर रहा है।
विधायक दीपिका पांडे सिंह के व्यवहार से नाराज होकर महागामा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले पांच थाना के प्रभारी और पुलिसकर्मी ने जिले के एसपी और पुलिस एसोसिएशन को पत्र लिखकर खुद का स्थानांतरण करने की मांग की है।
महागामा विधानसभा क्षेत्र में पड़़ने वाले मेहरमा,महागामा,हनवारा,बलबड्डा और ठाकुर गंगटी के थाना प्रभारी और सभी पुलिसकर्मियों ने गोड्डा एसपी और झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन और झारखंड पुलिस एसोसिएशन को पत्र लिखकर कहा है कि हम सभी पुलिसकर्मियों और पदाधिकारियों को महागामा विधानसभा क्षेत्र के थाना से दूसरे जगह स्थानांतरण करने की कृपा की जाए ताकि हम सभी विधि सम्मत सरकारी कार्य करते हुए अपने आत्मसम्मान को बचा सकें।
पत्र में लिखा गया है कि महागामा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी श् दीपिका पांडे सिंह निर्वाचित हुई है।इनके निर्वाचित होने के बाद से थाना क्षेत्र में माननीय विधायक एवं विधायक के कार्यकर्ताओं के द्वारा विधायक का धौंस दिखाकर हमेशा हमारा और हमारे अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाते रहते हैं जिससे विधि सम्मत कार्य करने में काफी कठिनाई होती है ।साथ ही वर्तमान समय में कोरोना महामारी के दौरान लॉक डाउन के अनुपालन कराने के क्रम में विधायक के कार्यकर्ताओं के द्वारा लॉक डाउन को तोड़ा जाता है और उनको समझाने और मना करने पर विधायक एवं उनके कार्यकर्ताओं के द्वारा पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। विधायक एवं उनके कार्यकर्ताओं के द्वारा बार-बार निलंबित कराने की धमकी दिया जाता है ,जिससे थाना पर पदस्थापित पुलिस अधिकारी और कर्मी के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचता है और कार्य स्थल पर कार्य करने में काफी परेशानी उत्पन्न होती है।
इससे पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मियों का भावना काफी आहत है एवं मनोबल भी काफी नीचे गिरा हुआ है।महागामा विधानसभा क्षेत्र के थाना से दूसरे जगह स्थानांतरण करने की कृपा की जाए ताकि हम सभी विधि सम्मत सरकारी कार्य करते हुए अपने आत्मसम्मान को बचा सकें।
श्री कुशवाहा ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि इस तरह का व्यवहार अशोभनीय प्रतीत होता है। पुलिस एसोसिएशन के लिए गये
निर्णय से सहमत होकर झारखण्ड होमगार्ड बेलफेयर एसोसिएशन की केन्द्रीय समिति उक्त मामले की घोर निन्दा करती है।