‘ साथी ‘ के साथ से आदिम जनजातियों को मिल रही राहत
‘ साथी ‘ के साथ से आदिम जनजातियों को मिल रही राहत
गोड्डा।
जिले के दामिन-इ-कोह के पहाड़, पहाड़ की तलहटियों एवं वन प्रांतर में निवास करने वाले आदिम जनजाति पहाड़िया एवं संथाल जनजाति को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही ‘साथी ‘ संस्था कोरोनावायरस के कारण जारी संकट की इस घड़ी में भी आदिवासियों का सच्चा साथी सिद्ध हो रही है। कोरोनावायरस के चेन को तोड़ने के लिए जारी लॉक डाउन के कारण रोजी रोजगार से वंचित हो रहे बोआरीजोर प्रखंड के दर्जनों गांवों के आदिवासियों की भूख मिटाने के लिए ‘ साथी ‘ कई दिनों से अनाज का वितरण कर रहा है। साथ ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए आदिवासियों को जागरूक करने का भी काम किया जा रहा है।
‘ साथी ‘ के डायरेक्टर डॉक्टर नीरज कुमार ने बताया कि संस्था के कार्यकर्ता पहाड़ एवं पहाड़ की तलहटी में बसे जनजाति समुदाय को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए गंभीरता पूर्वक लगे हुए हैं।तलबरिया, बाड़ोर, क़समु, बाबूचूरी, मुरचिरा, बरकैरा,
बेल्डीहा एवं अन्य १२ गांव में
कार्यकर्ता राहत सामग्री पहुंचाई चुके हैं। जनजातियों को अनाज, साबुन आदि पहुंचाने वालों में संस्था के कार्यकर्ता नीरज ठाकुर,
मीनू देवी, चंद्रदेव मालतो, सच्चिदानंद, बबलू हेंब्रम
अन्य स्वयंसेवक महती भूमिका निभा रहे हैं।