निर्भया के दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिलने पर मनाया गया दीपोत्सव, जतायी गई खुशी

निर्भया के दुष्कर्मियों को फांसी की सजा मिलने पर मनाया गया दीपोत्सव, जतायी गई खुशी
गोड्डा
देश के बहुचर्चित निर्भया दुष्कर्म कांड के चारों अभियुक्तों को फांसी की सजा मिलने पर समाज के सभी तबके के लोगों में खुशी की लहर है। किसी ने दीपोत्सव के माध्यम से, तो किसी ने बयान के माध्यम से अपनी खुशियों का इजहार किया।
भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष राजेश कुमार झा ने निर्भया के चारों दुष्कर्मियों को फांसी की सजा दिए जाने पर कहा कि अन्याय पर हुई न्याय की जीत हुई।आखिरकार निर्भया के गुनाहगारों को फांसी मिली। इस निर्णय पर खुशी मनाते हुए उन्होंने अपने पूरे घर को दीयों से सजाया तथा सपरिवार दीपोत्सव मनाया।

निर्भया फैसले से न्यायपालिका में बढ़ेगा लोगों का विश्वास : नितिन

भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नितिन कात्यायन ने कहा कि देश के चर्चित निर्भया मामले में शुक्रवार की अहले सुबह सभी चार दोषियों को तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई । इस फैसले से आम लोगों का विश्वास कार्यपालिका एवं न्यायपालिका में बढ़ेगा ।
श्री कात्यायन ने कहा कि जिस तीव्र गति एवं मजबूत इच्छशक्ति के साथ दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की, वह वाकई काबिले तारीफ है । भारतीय न्याय व्यवस्था के कुछ कानूनी पेचीदगियों की वजह से दोषी लगातार बचने की कोशिश करते रहे । कानून का गलत इस्तेमाल कर दोषियों के वकील ने मामले को टालने की पूरी कोशिश की। जिसके कारण फांसी देने में सात साल से भी अधिक का समय लग गया। लेकिन अंततः निर्भया के परिवार को इंसाफ मिला । यह फांसी देश के विकृत मानसिकता वाले अपराध कर्मियों के लिए एक सीख है कि अगर वो गलत काम करेंगे तो उन्हें भी मौत की सजा दी जाएगी ।
साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की है कि भारतीय न्याय व्यवस्था एवं कानून में मौजूद कुछ विसंगतियों को जल्द से जल्द दूर करें, ताकि आने वाले समय में दोषियों को फांसी पर लटकाने में इतना विलंब न हो ।
कात्यायन ने कहा कि 2012 के उस घटना को याद कर आज भी रूह कांप जाती है। गोड्डा के सड़कों से लेकर रांची तक दरिंदो को फांसी की सजा के लिए बड़ा आंदोलन किया था । आज लग रहा है कि निर्भया के परिवार के साथ साथ मेरे जैसे अनेक आंदोलनकारियों का प्रयास सफल हुआ । जिस प्रकार की हैवानियत की पराकाष्ठा को इन दोषियों ने पार कर दिया था, ऐसे में फांसी से कम कोई भी सजा, निर्भया के साथ नाइंसाफी होती। लिहाज़ा माननीय न्यायालय ने एक आदर्श फैसला देकर देशवासियों एवं निर्भया के परिवार का दुख कुछ कम करने का काम किया है । न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। साथ ही निर्भया के माता पिता एवं पूरे परिवार को बधाई देता हूं कि वे इंसाफ के लिए लगातार संघर्ष करते रहे ।
निर्भया के गुनाहगारों को फांसी की सजा दिए जाने पर महागामा की कांग्रेसी विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने कहां की
उस रोज़ वो बेबस थी,लाचार थी।लेकिन इंसाफ़ मजबूर नहीं हुआ सज़ा सुनाने में। एक मां ने अपनी बेटी को इंसाफ़ दिलाने के लिए 7 साल की लंबी लड़ाई लड़ी है। निर्भया, जहां भी हो ख़ुश रहना। तुम्हारे गुनहगारों को मिली सज़ा के बाद भी तुम लौट नहीं सकती, लेकिन विश्वास है की दरिंदिगी करने वाले अब चैन से नहीं सो पाएंगे।

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