मारवाड़ी महिलाओं ने कि शीतला मां की पूजा
मारवाड़ी महिलाओं ने कि शीतला मां की पूजा। गोड्डा निज संवाददाता जिला मुख्यालय गोड्डा की मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने शीतला आश्टमी के अवसर पर धूम धाम से शीतला मां की पूजा की
शीतला अष्टमी मारवाड़ी महिलाओं द्वारा चैट कृष्ण अष्टमी से होली के बाद आने वाले पहली सोमवार अथवा गुरुवार को मनाई जाती है।इस पारंपरिक पूजा में मारवाड़ी महिलाएं रात्रि में अपने रसोई घर में या अपने मकान के किसी खंबे कि दीवार पर मनौती वाले पुरुष द्वारा अपने हथेली पर गाय का घी लगाकर उसकी छाप दीवार पर लगाई जाती है साथ ही छापे पर राउली चावल चिपका दिया जाता है।छापे के नीचे एक छिप्पा मेमुंग चावल पुष्प आदि रख कर घी का दीपक प्रज्वलित कर शीतला माता को जल अर्पित कर पूजा अर्चना कर रात्रि जागरण किया जाता है।इसके बाद शुभह पूजा की जाती फिर एक थाली में रात्रि का बना पकवान मीठा गुड़ के भात रोटी दही खोआ पकौरी गुलगुल्ला हल्दी धुवत्ती जल आदि पूजा सामग्री थाल में सजाकर शीतला मंदिर माता की गीत गाती हुई मंदिर पहुंच कर भोग अर्पण कर आराधना की जाती है।माता के बसिया भोग प्रसाद को घर के सभी सदस्य ग्रहण करते है जिसे बसिया पर्व भी कहते है।किवदंती है कि इस पर्व को करने से घर परिवार में सुख शांति बनी रहती है।