शौचालय निर्माण में गड़बड़ी के आरोप में महागामा प्रखंड प्रशासन ने लिया संज्ञान
शौचालय निर्माण में गड़बड़ी के आरोप में महागामा प्रखंड प्रशासन ने लिया संज्ञान
-शौचालय निर्माण कराने वाले एसएचजी से मांगा गया जवाब
-परसा पंचायत में शौचालय का निर्माण कराने वाली एजेंसी ने जमकर किया है घोटाला
-आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में हुआ घोटाले का पर्दाफाश
हनवारा से जावेद अख्तर की रिपोर्ट
हनवारा।
महागामा प्रखंड के परसा पंचायत में शौचालय निर्माण में लाखों रुपये गबन का मामला उजागर होने पर प्रखंड प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी , महागामा धीरज प्रकाश ने मामले पर संज्ञान लेते हुए परसा के लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह एवं कमल क्लब को नोटिस निर्गत कर तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया गया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी धीरज प्रकाश ने कार्यालय ज्ञापांक 300 एवं दिनांक 16/03/ 2020 जारी कर लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह ,परसा एवं कमल क्लब परसा को सख्त निर्देश दिया है कि हस्तांतरित राशि का प्रतिवेदन सलंग्न प्रपत्र में प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में समर्पित करना सुनिश्चित करेंगे, अन्यथा राशि वापसी हेतु नियमानुसार सम्बंधित एजेंसी को काली सूची में डालते हुए विधिसम्मत कानूनी कारवाई की जाएगी।
मालूम हो स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शौचालय निर्माण के तहत योग्य लाभुकों के शौचालय निर्माण हेतु लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह एवं कमल क्लब को राशि हस्तांतरित की गई थी। हस्तांतरित राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक प्रखंड कार्यालय को अप्राप्त है, जिस कारणवश हस्तांतरित राशि का समायोजन नही हो सका है।
स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) के तहत लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह परसा को 12 हजार रुपये प्रति लाभुक के दर से पचास लाभुकों के शौचालय निर्माण के लिए कुल 6 लाख रुपये एवं कमल क्लब परसा को 150 लाभुकों के शौचालय निर्माण के लिए कुल राशि 18 लाख रुपये आवंटित की गई थी। लेकिन फर्जीवाड़े का सहारा लेकर दोनों एजेंसी ने लाखों रुपये का गबन कर लिया।
बताते चलें कि इस गड़बड़झाला का पर्दाफाश आरटीआई के तहत सूचना मांगने के बाद सामने आया था। परसा पंचायत के ही एक व्यक्ति ने लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह परसा द्वारा शौचालय निर्माण को लेकर आरोप लगाते हुए प्रखण्ड कार्यालय महागामा से सूचना मांगी थी। आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में प्रखण्ड कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई थी कि लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह परसा को शौचालय निर्माण के लिए 6 लाख रुपए आवंटित किया गया था। कुल 50 लाभुकों का शौचालय निर्माण उक्त समूह द्वारा कराया जाना था। लेकिन लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह परसा ने फर्जीवाड़े के आधार पर 25 लाभुकों का सूची प्रखण्ड कार्यालय में जमा किया और बाकी बचे 25 लाभुकों का कोई हिसाब किताब नही दिया। उक्त समूह ने प्रखण्ड कार्यालय में जिन 25 लाभुकों की सूची दिया है, वह भी फर्जी है। इन 25 लाभुकों में आधे से अधिक लाभुकों का किसी अन्य एजेंसी द्वारा पूर्व में ही शौचालय का निर्माण कराया जा चुका है। पूर्व से ही निर्मित शौचालय के नाम पर ही उक्त समूह ने लाभुक बनाकर राशि की निकासी कर लिया। दिलचस्प बात यह भी है कि समर्पित की गई 25 लाभुकों की सूची में से पांच से अधिक लाभुकों का धरातल पर अभी भी शौचालय नही है। जबकि उनके नाम से कागज पर शौचालय बनाकर राशि की निकासी कर ली गयी है। प्राप्त कराई गई सूची में एक नाम ऐसा भी है जिनके नाम पर तीन बार राशि की निकासी किया गया है। इस्लाम , पिता स्वर्गीय छेदी के शौचालय का निर्माण नगमा स्वयं सहायता समूह परसा द्वारा कराया गया है, लेकिन लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह द्वारा भी दो बार राशि की निकासी की गई है। इससे ऐसा लगता है कि इस समूह ने सरकार से प्राप्त 6 लाख की पूरी रकम को गटकने में पूरा जोर लगा दिया हो।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वच्छ भारत मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2018-19 में लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह को शौचालय निर्माण के लिए 6 लाख रुपया आवंटन दिया गया था। शौचालय निर्माण के लाभुकों की सूची में दो ऐसे लाभुक भी हैं, जिसका नाम और पिता का नाम दोनों एक ही है। अजमल नाम के लाभुक का पिता का नाम अजमल ही है। साथ ही साथ अजय शर्मा नाम के लाभुक के पिता का नाम भी अजय शर्मा ही है।
राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि समूची महागामा प्रखंड में शौचालय निर्माण के नाम पर इसी तरह की गड़बड़ी हुई है। यदि गहनता से जांच कराई जाए तो बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है।