साहित्यिक-गोष्ठी में छूटे हंसी के फव्वारे।

साहित्यिक-गोष्ठी में छूटे हंसी के फव्वारे
-अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर लोकमंच द्वारा आयोजित किया गया साहित्यिक गोष्ठी
गोड्डा:
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर शुक्रवार शाम स्थानीय गांधी मैदान स्थित इंडोर स्टेडियम के कुश्ती – कक्ष में लोकमंच द्वारा साहित्यिक – गोष्ठी का आयोजन हुआ। नगर परिषद अध्यक्ष जितेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध महिला रोग विशेषज्ञ डॉ प्रभारानी प्रसाद मौजूद थीं। वहीं विशिष्ट अतिथि मुकुल कुमार झा (दुमका) के अलावा आमंत्रित अतिथियों में दुमका से निमाय कांत झा व विश्वनाथ चौधरी, देवघर से अरविंद, जामताड़ा से दीपक दुबे एवं गोड्डा से यूनिसेफ के धनंजय त्रिवेदी, संजीव कुमार झा, मनीष कुमार सिंह, कवि ओमप्रकाश मंडल एवं शैलेन्द्र प्रसाद, काव्यश्री, सत्यकाम राहुल, आशुतोष झा, शिवेंद्र झा, अमरेंद्र सिंह बिट्टु एवं मिथिलेश कुमार शामिल हुए। गोष्ठी का संचालन युवा सहित्यकार सुरजीत झा ने किया। श्री झा ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के इतिहास एवं इसे मनाने के औचित्य पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जबकि ओमप्रकाश मंडल ने अपनी अंगिका की व्यंग्य कविता “जब तक माय जित्तो छेलै, नीमी जेकाँ तित्तो छेलै” तथा शैलेन्द्र प्रसाद ने अपनी हास्य रचना “कइनैं नाय करै छौ कखनू फोन” से लोगों को खूब गुदगुदाया।

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