ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति के गठन एवं क्रियान्वयन पर हुई कार्यशाला।
गोड्डा। ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति के गठन एवं क्रियान्वयन पर हुई कार्यशाला
किशोरी सशक्तिकरण एवं बाल विवाह रोकथाम हेतु उमंग परियोजना की और से जिला के महागामा में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । उमंग परियोजना की जिला कोआर्डिनेटर नेहा सरकार की अगुवाई में आयोजित कार्यशाला मैं जिले के जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को आमंत्रित किया गया था आज इस कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में महागामा प्रखंड के सभी पियर मेंटर्स फैसिलिटेटर्स ब्लॉक कोऑर्डिनेटर और जिला कोऑर्डिनेटर ने भाग लिया जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री रितेश कुमार के द्वारा आज के इस प्रशिक्षण में भाग लिया गया और इनके द्वारा सभी पियर मेंटर्स को सभी फैसिलिटेटर्स को ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति प्रखंड स्तरीय बाल संरक्षण समिति एवं जिला स्तरीय बाल संरक्षण समिति के कार्य गठन उत्तरदायित्व के विषय में विस्तार पूर्वक बताया गया प्रशिक्षण के दौरान कार्य में आ रही बाधाएं समस्या के निदान पर वृहद पैमाने पर चर्चा की गई और इस विषय पर जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रितेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे।
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रितेश कुमार ने कार्यशाला में विस्तार से विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। उनके द्वारा विस्तार से सभी प्रशिक्षणार्थी को बताया गया कि प्रशिक्षण सरकार के द्वारा इंटीग्रेटेड चाइल्ड प्रोटेक्शन स्कीम समेकित बाल संरक्षण योजना के तहत चलाया जा रहा है स्पॉन्सरशिप और पोस्टर केयर के विषय पर विस्तार पूर्वक सभी प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया। इन योजनाओं से जुड़ने वाले ऐसे जरूरतमंद बच्चों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया ।
साथ ही बाल विवाह के दुष्परिणाम, कारण और इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए कौन-कौन उत्तरदायी विभाग है , किस-किस अधिकारी पर इनका दायित्व है, इन तमाम बातों पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई । प्रशिक्षण पाकर सभी प्रशिक्षणार्थी गदगद थे और उन्होंने कहा कि आज के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से हमें बहुत कुछ सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि और भी इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी चलते रहना चाहिए।
*समाचार आज तक*